main talash kar rahi thii gham-e-dil ka kuchh bahaana | मैं तलाश कर रही थी ग़म-ए-दिल का कुछ बहाना

  - Raabia Sultana Nashad
मैंतलाशकररहीथीग़म-ए-दिलकाकुछबहाना
मिरीराहमेंयेनाहक़कहाँगयाज़माना
मिरेहालपरकरमकरकभीदोस्तग़ाएबाना
वोसुकूनबख़्शदिलकोकितड़पउठेज़माना
हैतवाफ़अबभीजारीतिरेआस्ताँकालेकिन
नहींमिलसकाजबींकोतिरासंग-ए-आस्ताना
तिरीबारगाहतकहोमिरीकिसतरहरसाई
मुझेदीगईगदाईतुझेतख़्त-ए-ख़ुसरवाना
मैंतड़पतड़पकेग़ममेंरहीबे-क़रार-ओ-मुज़्तर
मिरेदिलकीधड़कनोंकोनहींसुनसकाज़माना
मिराशौक़-ए-सज्दा-रेज़ीहैहनूज़ना-मुकम्मल
मुझेकोईयेबतादेहैकहाँवोआस्ताना
मिरेग़मकीज़िंदगीपरमिरेहाल-ए-बेकसीपर
कभीरहमउनकोआएकभीरोपड़ेज़माना
कईबारकेबिजलीगिरीसेहन-ए-गुलसिताँपर
येरहीहमारीक़िस्मतकिजलाआशियाना
मुझेहोशहीनहींकुछकिमैंशादहूँकि'नाशाद'
हैसुरूर-ए-मयसेबढ़करमिराज़ौक़-ए-शाइ'राना
  - Raabia Sultana Nashad
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