kyuuñ tees si dil men uthatii hai kyuuñ dard se jee ghabraata hai | क्यूँ टीस सी दिल में उठती है क्यूँ दर्द से जी घबराता है

  - Raabia Sultana Nashad
क्यूँटीससीदिलमेंउठतीहैक्यूँदर्दसेजीघबराताहै
पहलेतोथाऐसाआलमअबदिलक्यूँडूबाजाताहै
चाहतसेकिसीकीसीखाथाग़मसहनाऔरआँसूपीना
लेकिनअबतोहरअश्क-ए-अलमआँखोंसेटपकहीजाताहै
आदाब-ए-मोहब्बतकीख़ातिरराहतग़मकोसमझेहैंतोफिर
क्यूँदिलसेआहनिकलतीहैक्यूँचक्करसाजाताहै
दुनियाहमसेकरसीखेपाबंदी-ए-रस्म-ओ-राह-ए-वफ़ा
रूदाद-ए-ख़िज़ाँदोहरातेहैंजबज़िक्र-ए-बहारजाताहै
शर्म-ए-मोहब्बतजागकिअबकुछदेरनहींरुस्वाईमें
पिन्हाँथाजोदिलकेपर्देमेंवोदर्दज़बाँतकआताहै
काशकोईउससेजाकरयेहालदिल-ए-बर्बादकहे
बीमार-ए-ग़म-ए-उल्फ़ततेराहैनज़्अ'मेंदमघबराताहै
इसतरहतड़पनेलगताहैरहरहकेदिल'नाशाद'अक्सर
जैसेकिबगूलाउठताहैजैसेकोईतूफ़ाँआताहै
  - Raabia Sultana Nashad
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