gosha-e-dil men teraa dard chhupaaya main ne | गोशा-ए-दिल में तेरा दर्द छुपाया मैं ने

  - Raabia Sultana Nashad
गोशा-ए-दिलमेंतेरादर्दछुपायामैंने
चश्म-ए-तरकोभीयेराज़बतायामैंने
कौनवोशबहैजोबे-अश्कबहाएगुज़री
कौनवोग़महैजोदिलपरउठायामैंने
कीज़मानेसेकभीकोईशिकायतगिला
अपनेरिसतेहुएज़ख़्मोंकोछुपायामैंने
अबतोदमज़ब्तकीशिद्दतसेघटाजाताहै
इसक़दरदर्दकोसीनेमेंदबायामैंने
हैफ़बरहालदिल-ए-ज़ारकिआईनाहुआ
लाखपर्देमेंहरइकराज़छुपायामैंने
ज़िंदगीगुज़रीहैबे-कैफ़सीयारबफिरभी
गरचेहँसहँसकेहरइकग़मकोमिटायामैंने
किसनेयेकश्मकश-ए-शाम-ए-अलमदेखीहै
जबकोईदर्दउठादिलमेंदबायामैंने
कबतकइसतौरसे'नाशाद'गुज़ारूँगीहयात
जबख़ुशीकोईमिलीअश्कबहाएामेंने
  - Raabia Sultana Nashad
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