talab ki aag kisi shola-roo se raushan hai | तलब की आग किसी शोला-रू से रौशन है

  - Qabil Ajmeri
तलबकीआगकिसीशोला-रूसेरौशनहै
ख़यालहोकिनज़रआरज़ूसेरौशनहै
जनमजनमकेअँधेरोंकोदेरहाहैशिकस्त
वोइकचराग़किअपनेलहूसेरौशनहै
कहींहुजूम-ए-हवादिसमेंखोकेरहजाता
जमाल-ए-यारमिरीजुस्तुजूसेरौशनहै
येताबिश-ए-लब-ए-लालींयेशोला-ए-आवाज़
तमामबज़्मतिरीगुफ़्तुगूसेरौशनहै
विसाल-ए-यारतोमुमकिननहींमगरनासेह
रुख़-ए-हयातइसीआरज़ूसेरौशनहै
  - Qabil Ajmeri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy