मुझे हासिल वसीयत में कोई मसनद ग़ज़ल का हो

  - Prince Jain
मुझेहासिलवसीयतमेंकोईमसनदग़ज़लकाहो
लिखूॅंऐसेकिलफ़्ज़ोंसेयेऊॅंचाक़दग़ज़लकाहो
ग़ज़लदिलतकपहुॅंचजाएग़ज़लकोतबग़ज़लमानूॅं
किसीकेदिलकोबहलानानहींमक़सदग़ज़लकाहो
भराहैज़ेहनमेंकितनासुख़नमेरेयहाँयारो
छपाजैसेकोईमिसरायहाँशायदग़ज़लकाहो
किसीकीवाहवाहीसेनहींमचलेयेमनमेरा
यहीहरपलमेरामक़सदयहीमुर्शदग़ज़लकाहो
ग़ज़लकेसामनेरुत्बाबराबरहोनहींसकता
ज़मींपरबैठकरदेखूॅंकोईमसनदग़ज़लकाहो
ग़ज़लकेनामपरऐसानशाऐसीख़ुमारीहै
ज़रासाडूबकरलिखदूँतोसारामदग़ज़लकाहो
  - Prince Jain
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