धुँदलीकरदीइश्क़नेहरचीज़सोअब
इश्क़कापर्दाहटाकरदेखनाहै
बज़्ममेंपूछाकिसीनेतुमकहाँहो
अबवहाँख़ुदकोबुलाकरदेखनाहै
रौशनीहोतीनहींराहोंमेंअबदन
रातआँखोंकोदिखाकरदेखनाहै
कबसेआईनानहींदेखानज़रने
रूपकोअपनेसजाकरदेखनाहै
रखवरक़पेचीख़तीग़मकीसियाही
ज़िंदगीकोमुस्कुराकरदेखनाहै