sharm kar lo | "शर्म कर लो"

  - Piyush Mishra
"शर्मकरलो"
ज़िंदाहोहाँतुमकोईशकनहीं
साँसलेतेहुएदेखामैंनेभीहै
हाथऔ’पैरोंऔरजिस्मकोहरकतें
ख़ूबदेतेहुएदेखामैंनेभीहै
अबभलेहोयेकरतेहुएहोंठतुम
दर्दसहतेहुएसख़्तसीलेतेहो
अबहैइतनाभीकमक्यातुम्हारेलिए
ख़ूबअपनीसमझमेंतोजीलेतेहो
गहरातीरातोंमेंउठतीकराहटको
अंदरहीअंदरदबातेतोहोगे
अगलीसुब्हफिरबरसनेकोबेताब
कोड़ोंकोदिलमेंसजातेतोहोगे
ज़मानेकीठोकरकोसहकेसड़कपेयूँँ
चीख़ोंकोदिलमेंसजातेतोहोगे
ज़मानेकीठोकरकोसहकेसड़कपेयूँँ
चीख़ोंकीज़हमतउठातेतोहोगे
रोतेसेचेहरेपेलटकी-सीगर्दनका
थोड़ाइज़ाफ़ाबढ़ातेतोहोगे
सोचाकभीहैकिज़िंदायूँँरहनेके
मतलबकेमानेहैंकैसेकहीं
ज़िंदायूँँरहनेकेमानेपेथूकेंजो
ज़िंदायूँँरहनेकामतलबयही
बदबूकोबलग़मकोख़ुशबूकीमरहम
बताकेभरममेंहोमल-मलरहे
कीड़ाहैवोसंगकीड़ोंकीदुनियामें
कीड़ाहीबनकेजोहरपलरहे
  - Piyush Mishra
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