sharaab nahin sharaabiyat yaanii alkoholizm | "शराब नहीं, शराबियत, यानी अल्कोहलिज़्म"

  - Piyush Mishra
"शराबनहीं,शराबियत,यानीअल्कोहलिज़्म"
आदतजिसकोसमझेहो
वोमर्ज़कभीबनजाएगा
फिरमर्ज़कीआदतपड़जाएगी
अर्ज़नाकुछकरपाओगे
गरतब्दीलीकीगुंजाइशने
साथदियातोठीकसही
परउसनेभीगरछोड़दिया
तोयारबड़ेपछताओगे
जोबूँदकहींबोतलकीथी
तोसाथवहींदोपलकाथा
फिरपतानहींकबदोपलकावो
साथसदीमेंबदलगया
हमचुप्पबैठकेसुन्नगुज़रते
लम्हेकोनासमझसके
वोकबभीगीउनपलकोंकी
उससुर्ख़नमीमेंबदलगया
औरनींदनाजानेकहाँगई
उनसहमीसिकुड़ीरातोंमें
हमसन्नाटेकोचीरराखसेभरा
अँधेरातकतेथे
फिरसिहर-सिहरफिरकाँप-काँपके
थामकलेजाहाथोंमें
जिसकोनावापसआनाथा
वोगयासवेरातकतेथे
जिसकोसमझेहोतुममज़ाक़
वोदर्दकीआदतपड़जाएगी
अर्ज़नाकुछकरपाओगे
गरतब्दीलीकीगुंजाइशने
साथदियातोठीकसही
परउसनेभीगरछोड़दिया
तोयारबड़ेपछताओगे
कट-फटकेहमबिखरचुकेथे
जबतुमआएथेभाई
औरसभीरास्तेगुज़रचुकेथे
जबतुमआएथेभाई
वोदौरनातुमसेेदेखाथा
वोक़िस्सेनासुनपाएथे
जिसदौरकीआँधीकालीथी
जिसदौरकेकालेसाएथे
उसदौरनशेमेंज़ेहनथा
उसदौरनशेमेंयेमनथा
उसदौरपेशानीगीलीथी
उसदौरपसीनेमेंतनथा
उसदौरमेंसपनेडरलाते
उसदौरदुपहरीसन्नाटा
उसदौरसभीकुछथाभाई
औरसचबोलेंकुछभीनाथा
येनर्मसुरीलानग़माकड़वी
तर्ज़कभीबनजाएगा
फिरतर्ज़कीआदतपड़जाएगी
अर्ज़नाकुछकरपाओगे
गरतब्दीलीकीगुंजाइशने
साथदियातोठीकसही
परउसनेभीगरछोड़दियातो
यारबड़ेपछताओगे
उसदौरसेपहलेदौररहा
जबसाथज़िंदगीरहतीथी
वोदौरबड़ापुरज़ोररहा
जबसाथबंदगीरहतीथी
जबसाथक़हक़होंकाहोता
जबबातलतीफ़ोंकीहोती
औरशाममहकतेख़्वाबोंकी
औररातहसीनोंकीहोती
जबकहेनाज़नींबोलोसाजन
कौरपहरकोआऊँमैं
औरहुस्नकहेकितूमेरा
औरतेराहीहोजाऊँमैं
बसमैंपागलनासमझसका
किसओरतरफ़कोजानाहै
बसजामनेखींचा,बोतलइतराई
कितुझकोआनाहै
मैंमयख़ानेकीओरचला
येभूलकेपीछेक्याहोता
इकनन्हाबचपनसुन्नहिचकियाँ
अटक-अटककेजोरोता
इकभरीजवानीकसकमारके
चुप-चुपबैठीरहतीहै
औरख़ामोशीसे‘खालेनाकुछ’
नमआँखोंसेकहतीहै
उनसहमीसिसकीरातोंकोमैं
कभीनहींनासमझसका
उनपल्लूठूँसीफफकफफकती
बातोंमेंनाअटकसका
येकभी-कभारकाकाम
अटूटाफ़र्ज़कभीबनजाएगा
फिरफ़र्ज़कीआदतपड़जाएगी
अर्ज़नाकुछकरपाओगे
गरतब्दीलीकीगुंजाइशने
साथदियातोठीकसही
परउसनेभीगरछोड़दियातो
यारबड़ेपछताओगे
वोपछतावेकेआँसूभी
मैंसाथनहींलापायाथा
उनजलेपुलोंकीक्याबोलूँ
जोजलाजलाकेआयाथा
वोबोलेथेकिदेखोइसको
ज़र्द-सर्दइंसानहैये
इकज़िंदादिलतबियतमेंबैठा
मुर्दादिलहैवानहैये
मैंशर्मसारतोक्याहोता
मैंशर्मजलाकेआयाथा
उससुर्ख़जामकोसुर्ख़लारमें
नहलाकरकेआयाथा
मैंआँखकीलालीसाथलहू
मदहोशकहींपेरहताथा
ख़ूँख़ारचुटकलेतंज़लतीफ़े
बना-बनाकेकहताथा
येदर्दकोसहनेकाझूठा
हमदर्दकभीबनजाएगा
हमदर्दकीआदतपड़जाएगी
अर्ज़नाकुछकरपाओगे
गरतब्दीलीकीगुंज़ाइशने
साथदियातोठीकसही
परउसनेभीगरछोड़दियातो
यारबड़ेपछताओगे
  - Piyush Mishra
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