मैंकबसेअपनीतलाशमेंहूँमिलानहींहूँ
सवालयेहैकिमैंकहींहूँभीयानहींहूँ
येमेरेहोनेसेऔरनहोनेसेमुन्कशिफ़है
किरज़्म-ए-हस्तीमेंक्याहूँमैंऔरक्यानहींहूँ
मैंशबनिज़ादोंमेंसुब्ह-ए-फ़र्दाकीआरज़ूहूँ
मैंअपनेइम्काँमेंरौशनीहूँसबानहींहूँ
गुलाबकीतरहइश्क़मेरामहकरहाहै
मगरअभीउसकीकिश्त-ए-दिलमेंखिलानहींहूँ
नजानेकितनेख़ुदाओंकेदरमियाँहूँलेकिन
अभीमैंअपनेहीहालमेंहूँख़ुदानहींहूँ
कभीतोइक़बाल-मंदहोगीमिरीमोहब्बत
नहींहैइम्काँकोईमगरमानतानहींहूँ
हवाओंकीदस्तरसमेंकबहूँजोबुझरहूँगा
मैंइस्तिआराहूँरौशनीकादियानहींहूँ
मैंअपनीहीआरज़ूकीचश्म-ए-मलालमेंहूँ
खुलाहैदरख़्वाबकामगरदेखतानहींहूँ
उधरतसलसुलसेशबकीयलग़ारहैइधरमैं
बुझानहींहूँबुझानहींहूँबुझानहींहूँ
बहुतज़रूरीहैअहद-ए-नौकोजवाबदेना
सोतीखेलहजेमेंबोलताहूँख़फ़ानहींहूँ