jab naya mod lene ko thii zindagi vaqt ne ik nayi dastaan bakhsh dii | जब नया मोड़ लेने को थी ज़िंदगी वक़्त ने इक नई दास्ताँ बख़्श दी

  - Parveen Sultana Saba
जबनयामोड़लेनेकोथीज़िंदगीवक़्तनेइकनईदास्ताँबख़्शदी
नामउनकामिरेदिलपेकंदाकियायूँँमुझेज़िंदगीजावेदाँबख़्शदी
उसकीनज़रोंनेकुछऐसाजादूकियाताक़चोंमेंदिएझिलमिलानेलगे
इकदियाजलउठाहुजरा-ए-क़ल्बमेंजिसनेउल्फ़तकोसौत-ए-अज़ाँबख़्शदी
मेरीआँखेंमिरेकानमेरीज़बाँहाकिम-ए-वक़्तनेरेहनमेंरखलिए
हाथपैरोंकोकटवादियाबादमेंपरयेएहसाँकियामेरीजाँबख़्शदी
हुस्नकोदीअदाइश्क़कोदीवफ़ाइसतरहसेमुसावातक़ाएमहुई
जिनसेक़ाएममुसावातहोसकीउनकोइकफ़िक्र-ए-सूद-ओ-ज़ियाँबख़्शदी
दौलत-ए-इश्क़कीथींफ़रावानियाँहिज्रकामालखुलकरख़रीदागया
मेरीपलकोंपेरौशनसितारेकिएइसतरहसेमुझेकहकशाँबख़्शदी
ख़ाककोख़ाककरनाहीमक़्सदथाजबकिसलिएफिरज़मींपरख़लीफ़ाकिया
नेकियोंकेलिएकममलाएकथेहमकोयेज़िम्मेदारीकहाँबख़्शदी
'सबा'हमतोगूँगीरेआयामेंथेज़ुल्मकेसामनेलबहिलातेथे
बोलनागयाहमकोहक़केलिएउसनेजबसेक़लमकोज़बाँबख़्शदी
  - Parveen Sultana Saba
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