hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Parveen Shakir
vo musaafir hi khulii dhoop ka tha
vo musaafir hi khulii dhoop ka tha | वो मुसाफ़िर ही खुली धूप का था
- Parveen Shakir
वो
मुसाफ़िर
ही
खुली
धूप
का
था
साए
फैला
के
शजर
क्या
करते
- Parveen Shakir
Download Sher Image
ये
कब
कहती
हूँ
तुम
मेरे
गले
का
हार
हो
जाओ
वहीं
से
लौट
जाना
तुम
जहाँ
बेज़ार
हो
जाओ
Parveen Shakir
Send
Download Image
45 Likes
अब
भला
छोड़
के
घर
क्या
करते
शाम
के
वक़्त
सफ़र
क्या
करते
तेरी
मसरूफ़ियतें
जानते
हैं
अपने
आने
की
ख़बर
क्या
करते
जब
सितारे
ही
नहीं
मिल
पाए
ले
के
हम
शम्स-ओ-क़मर
क्या
करते
वो
मुसाफ़िर
ही
खुली
धूप
का
था
साए
फैला
के
शजर
क्या
करते
ख़ाक
ही
अव्वल
ओ
आख़िर
ठहरी
कर
के
ज़र्रे
को
गुहर
क्या
करते
राय
पहले
से
बना
ली
तू
ने
दिल
में
अब
हम
तिरे
घर
क्या
करते
इश्क़
ने
सारे
सलीक़े
बख़्शे
हुस्न
से
कस्ब-ए-हुनर
क्या
करते
Read Full
Parveen Shakir
Download Image
1 Like
बोझ
उठाए
हुए
फिरती
है
हमारा
अब
तक
ऐ
ज़मीं
माँ
तिरी
ये
उम्र
तो
आराम
की
थी
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
अपनी
ही
सदा
सुनूँ
कहाँ
तक
जंगल
की
हवा
रहूँ
कहाँ
तक
हर
बार
हवा
न
होगी
दर
पर
हर
बार
मगर
उठूँ
कहाँ
तक
दम
घटता
है
घर
में
हब्स
वो
है
ख़ुश्बू
के
लिए
रुकूँ
कहाँ
तक
फिर
आ
के
हवाएँ
खोल
देंगी
ज़ख़्म
अपने
रफ़ू
करूँँ
कहाँ
तक
साहिल
पे
समुंदरों
से
बच
कर
मैं
नाम
तिरा
लिखूँ
कहाँ
तक
तन्हाई
का
एक
एक
लम्हा
हंगामों
से
क़र्ज़
लूँ
कहाँ
तक
गर
लम्स
नहीं
तो
लफ़्ज़
ही
भेज
मैं
तुझ
से
जुदा
रहूँ
कहाँ
तक
सुख
से
भी
तो
दोस्ती
कभी
हो
दुख
से
ही
गले
मिलूँ
कहाँ
तक
मंसूब
हो
हर
किरन
किसी
से
अपने
ही
लिए
जलूँ
कहाँ
तक
आँचल
मिरे
भर
के
फट
रहे
हैं
फूल
उस
के
लिए
चुनूँ
कहाँ
तक
Read Full
Parveen Shakir
Download Image
3 Likes
बहुत
रोया
वो
हम
को
याद
कर
के
हमारी
ज़िंदगी
बर्बाद
कर
के
पलट
कर
फिर
यहीं
आ
जाएँगे
हम
वो
देखे
तो
हमें
आज़ाद
कर
के
रिहाई
की
कोई
सूरत
नहीं
है
मगर
हाँ
मिन्नत-ए-सय्याद
कर
के
बदन
मेरा
छुआ
था
उस
ने
लेकिन
गया
है
रूह
को
आबाद
कर
के
हर
आमिर
तूल
देना
चाहता
है
मुक़र्रर
ज़ुल्म
की
मीआ'द
कर
के
Read Full
Parveen Shakir
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Kismat Shayari
Corruption Shayari
Mayoosi Shayari
Bimar Shayari
Zulf Shayari