gulaab haath men ho aankh men sitaara ho | गुलाब हाथ में हो आँख में सितारा हो

  - Parveen Shakir
गुलाबहाथमेंहोआँखमेंसिताराहो
कोईवजूदमोहब्बतकाइस्तिआ'राहो
मैंगहरेपानीकीइसरौकेसाथबहतीरहूँ
जज़ीराहोकिमुक़ाबिलकोईकिनाराहो
कभी-कभारउसेदेखलेंकहींमिललें
येकबकहाथाकिवोख़ुश-बदनहमाराहो
क़ुसूरहोतोहमारेहिसाबमेंलिखजाए
मोहब्बतोंमेंजोएहसानहोतुम्हाराहो
येइतनीरातगएकौनदस्तकेंदेगा
कहींहवाकाहीउसनेरूपधाराहो
उफ़ुक़तोक्याहैदर-ए-कहकशाँभीछूआएँ
मुसाफ़िरोंकोअगरचाँदकाइशाराहो
मैंअपनेहिस्सेकेसुखजिसकेनामकरडालूँ
कोईतोहोजोमुझेइसतरहकाप्याराहो
अगरवजूदमेंआहंगहैतोवस्लभीहै
वोचाहेनज़्मकाटुकड़ाकिनस्र-पाराहो
  - Parveen Shakir
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