ashk aankh men phir atak raha hai | अश्क आँख में फिर अटक रहा है

  - Parveen Shakir
अश्कआँखमेंफिरअटकरहाहै
कंकरसाकोईखटकरहाहै
मैंउसकेख़यालसेगुरेज़ाँ
वोमेरीसदाझटकरहाहै
तहरीरउसीकीहैमगरदिल
ख़तपढ़तेहुएअटकरहाहै
हैंफ़ोनपेकिसकेसाथबातें
औरज़ेहनकहाँभटकरहाहै
सदियोंसेसफ़रमेंहैसमुंदर
साहिलपेथकनटपकरहाहै
इकचाँदसलीब-ए-शाख़-ए-गुलपर
बालीकीतरहलटकरहाहै
  - Parveen Shakir
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