aankhoñ ke li.e jashn ka paighaam to aaya | आँखों के लिए जश्न का पैग़ाम तो आया

  - Parveen Shakir
आँखोंकेलिएजश्नकापैग़ामतोआया
ताख़ीरसेहीचाँदलब-ए-बामतोआया
उसबाग़मेंइकफूलखिलामेरेलिएभी
ख़ुशबूकीकहानीमेंमेरानामतोआया
पतझड़काज़मानाथातोयेबख़्तहमारा
सैर-ए-चमन-ए-दिलकोवोगुलफ़ामतोआया
उड़जाएगाफिरअपनीहवाओंमेंतोक्याग़म
वोताइर-ए-ख़ुश-रंगतह-ए-दामतोआया
हरचंदकिकमअरसा-ए-ज़ेबाईमेंठहरा
हरचेहरा-ए-गुलबाग़केकुछकामतोआया
शबसेभीगुज़रजाएँगेगरतेरीरज़ाहो
दौरान-ए-सफ़रमरहला-ए-शामतोआया
  - Parveen Shakir
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