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PANKAJ SISODIYA
aashaa ka deep
aashaa ka deep | "आशा का दीप"
- PANKAJ SISODIYA
"आशा
का
दीप"
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
आँखों
में
सपने
मर
जाए
होंठों
से
गाने
छिन
जाएँ
मंजिल
की
चाहत
में
तुम
सेे
जब
ऐसा
हो
रस्ते
छिन
जाएँ
ऐसे
में
बस
हाथ
जोड़कर
ईश्वर
से
आस
लगाना
तुम
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
जब
आँखों
में
सूनापन
हो
खाली-खाली
सा
मन
हो
आँखें
आँसू
का
दरिया
ओ
मुश्किल
में
जब
जीवन
हो
जब
गीत
सुनें
हम
नफ़रत
के
तब
प्यार
के
गीत
सुनाना
तुम
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
जब
ठोकर
साथ
निभाती
हो
मंजिल
रस्ता
भटकाती
हो
जब
सूरज
की
किरणें
भी
एक
जुगनू
से
डर
जाती
हो
जब
दुनिया
छोड़
के
जाती
हो
बस
मुझे
छोड़
मत
जाना
तुम
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
जब
प्रेम
पर
लगे
पहरे
हो
नफ़रत
के
घाव
गहरे
हो
सुख
की
छाया
से
कोसों
दूर
दुख
के
बादल
घनेरे
हो
जब
थककर
सोऊँ
रातों
में
मेरे
स्वप्न
में
बस
आना
तुम
आशा
का
दीप
जलाना
तुम
- PANKAJ SISODIYA
आँसू
हो
तेरे
पास
तो
तू
भी
ख़रीद
ला
ग़म
की
दुकाँ
में
बिकती
है
ख़ुशियाँ
बड़ी
बड़ी
SHIV SAFAR
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मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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किसी
ने
ख़्वाब
में
आकर
मुझे
ये
हुक्म
दिया
तुम
अपने
अश्क
भी
भेजा
करो
दु'आओं
के
साथ
Afzal Khan
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मैं
किसी
आँख
से
छलका
हुआ
आँसू
हूँ
'नबील'
मेरी
ताईद
ही
क्या
मेरी
बग़ावत
कैसी
Aziz Nabeel
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आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
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Kafeel Rana
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माँ
के
आँसू
को
समझता
हूँ
मुक़द्दस
इतना
बस
उन्हें
चूम
ले
अफ़ज़ल
तो
वज़ू
हो
जाए
S M Afzal Imam
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अपनी
कि़स्मत
में
ही
जब
इश्क़
नहीं
है
यारो
किसलिए
अश्क-ए-लहू
इश्क़
में
जाया
करना
Ajeetendra Aazi Tamaam
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आँसू
हमारे
गिर
गए
उन
की
निगाह
से
इन
मोतियों
की
अब
कोई
क़ीमत
नहीं
रही
Jaleel Manikpuri
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रूमाल
ले
लिया
है
किसी
माह-जबीन
से
कब
तक
पसीना
पोंछते
हम
आस्तीन
से
ये
आँसुओं
के
दाग़
हैं,
आँसू
ही
धोएँगे
ये
दाग़
धुल
न
पाएँगे
वाशिंग
मशीन
से
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Waseem Nadir
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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