जबहोचुकीशराबतोमैंमस्तमरगया
शीशेकेख़ालीहोतेहीपैमानाभरगया
नेक़ासिद-ए-ख़यालनपैक-ए-नज़रगया
उनतकमैंअपनीआपहीलेकरख़बरगया
रूह-ए-रुवान-ओ-जिस्मकीसूरतमैंक्याकहूँ
झोंकाहवाकाथाइधरआयाउधरगया
तूफ़ान-ए-नूहइसमेंहोयाशोर-ए-हश्रहो
होताजोकुछहैहोगाजोगुज़रागुज़रगया
समझाहैहक़कोअपनेहीजानिबहरएकशख़्स
येचाँदउसकेसाथचलाजोजिधरगया
शोरीदगीसेमेरीयहाँतकवोतंगथे
रूठाजोमैंतोख़ैरमनाईकिशरगया
मैंनेभीआँखेंदेखीहैंपरियोंकीजाओभी
तुमनेदिखाईआँखमुझेऔरमैंडरगया
गुज़राजहाँसेमैंतोकहासुनकेयारने
क़िस्सागयाफ़सादगयादर्द-ए-सरगया
काग़ज़सियाहकरतेहोकिसकेलिए'नसीम'
आयाजवाब-ए-ख़ततुम्हेंऔरनामा-बरगया