zindagi ik KHvaab hai ye KHvaab ki taabeer hai | ज़िंदगी इक ख़्वाब है ये ख़्वाब की ता'बीर है

  - Obaidullah Siddiqui
ज़िंदगीइकख़्वाबहैयेख़्वाबकीता'बीरहै
हल्क़ा-ए-गेसू-ए-दुनियापाँवकीज़ंजीरहै
कुछनहींइसकेसिवामेरेतसर्रुफ़मेंयहाँ
दिलकाबसजितनाइलाक़ादर्दकीजागीरहै
पुतलियाँआँखोंकीसाकितहोगईंपढ़तेहुए
आसमाँपरकिसज़बाँमेंजानेक्यातहरीरहै
मुझकोगोयाईपेउकसायाथादिलनेएकबार
आजतकहोंटोंपेक़ाएमलज़्ज़त-ए-तक़रीरहै
अबजानेकिसतरफ़लेजाएँवहशीआँधियाँ
शाख़सेटूटाहुआपत्ताबहुतदिल-गीरहै
सबबहादुरहैंयहाँज़िक्र-ए-अजलहोनेतलक
बुज़-दिलीइसकोकहूँयाख़ूनकीतासीरहै
  - Obaidullah Siddiqui
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