hont khulen to nikle waah | होंट खुलें तो निकले वाह

  - Obaid Siddiqi
होंटखुलेंतोनिकलेवाह
दुनियाएकतमाशा-गाह
रश्क-ए-फ़लकहैयेबस्ती
हरचेहराहैमहरमाह
अबकेहाथवोखेलाहै
दाँवपरहैंइज़्ज़-ओ-जाह
रंगबहुतसेऔरभीहैं
हरशयकबहैसफ़ेदसियाह
साथकिसीकोचलनाहै
सूझगईहैमुझकोराह
अबकेबहारकीयूरिशहै
गुल-बूटेहैंउसकीसिपाह
पागलहैंजोसहरासे
माँगरहेहैंआबगियाह
कामहज़ारोंकरनेहैं
क्याक्यारक्खेंपेश-ए-निगाह
उसकीआमदआमदहै
दिलआँखेंहैंचश्म-ब-राह
गर्मीसीयेगर्मीहै
माँगरहेहैंलोगपनाह
  - Obaid Siddiqi
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