ik tawaazun ko bigaara nahin ja saka hai | इक तवाज़ुन को बिगाड़ा नहीं जा सकता है

  - Obaid Azam Azmi
इकतवाज़ुनकोबिगाड़ानहींजासकताहै
घरकिसीकाहोउजाड़ानहींजासकताहै
औरगाड़ीकोईउसकेलिएलानीहोगी
कारमेंइतनाकबाड़ानहींजासकताहै
जोसज़ाउसकीहोदेदीजिएउसकोइकदिन
रोज़मुजरिमकोलताड़ानहींजासकताहै
कलयेकानूनभीसकताहैशे'रोंकेलिए
बे-इजाज़तकेदहाड़ानहींजासकताहै
दौर-ए-मजनूँकीमोहब्बतमेंसुहूलतथीबहुत
अबगिरेबानकोफाड़ानहींजासकताहै
गर्मजज़्बातकीआँचऔरहैदरकारओवैद
इतनीगर्मीसेतोजाड़ानहींजासकताहै
  - Obaid Azam Azmi
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