chup se dekhen tirchi chitwan | चुप से देखें तिरछी चितवन

  - Nitin Upadhye
चुपसेदेखेंतिरछीचितवन
थमनेलगतीदिलकीधड़कन
सबकेहाथोंमेंहैख़ंजर
किससेेकहदूँमनकीतड़पन
मनकादरियाउथलाउथला
फिरभीहोताहरपलमंथन
हमनेदुखमेंजीनासीखा
कैसेभातेसुखकेबंधन
तनकीगठरीमाटीमाटी
मनकामनकाकंचनकंचन
तूहीकहदेतेरेहाथों
कैसेदेदूँमाँकेकंगन
मेरीधरतीमेरीमाता
मेरातनमनतुझपेअर्पण
गरयेसचमुचसोनाहोगा
तपकेबनजाएगाकुंदन
  - Nitin Upadhye
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