kaun tanhaaii ka ehsaas dilaata hai mujhe | कौन तन्हाई का एहसास दिलाता है मुझे

  - Noor Jahan Sarwat
कौनतन्हाईकाएहसासदिलाताहैमुझे
येभराशहरभीतन्हानज़रआताहैमुझे
जानेकिसमोड़पेखोजाएअँधेरेमेंकहीं
वोतोख़ुदसायाहैजोराहदिखाताहैमुझे
उसकीपलकोंसेढलकजाऊँआँसूबनकर
ख़्वाबकीतरहजोआँखोंमेंसजाताहैमुझे
'अक्सता'अक्सबदलसकतीहूँचेहरामैंभी
मेरामाज़ीमगरआईनादिखाताहैमुझे
वोभीपहचानपायामुझेअपनोंकीतरह
फूलभीकहताहैपत्थरभीबताताहैमुझे
अजनबीलगनेलगाहैमुझेघरकाआँगन
क्याकोईशहर-ए-निगाराँसेबुलाताहैमुझे
किसीरुतमेंभीमिरीआसटूटी'सरवत'
हरनयाझोंकाख़लाओंमेंउड़ाताहैमुझे
  - Noor Jahan Sarwat
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