hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nityanand Vajpayee
mujhko hairaan kar diya usne
mujhko hairaan kar diya usne | मुझको हैरान कर दिया उसने
- Nityanand Vajpayee
मुझको
हैरान
कर
दिया
उसने
ऐसा
एहसान
कर
दिया
उसने
जिस
सेे
उम्मीद-ए-फ़ौत
थी
मुझको
ज़िंदा
इंसान
कर
दिया
उसने
- Nityanand Vajpayee
Download Sher Image
इंसाँ
की
ख़्वाहिशों
की
कोई
इंतिहा
नहीं
दो
गज़
ज़मीं
भी
चाहिए
दो
गज़
कफ़न
के
बाद
Kaifi Azmi
Send
Download Image
47 Likes
बस्ती
में
अपनी
हिन्दू
मुसलमाँ
जो
बस
गए
इंसाँ
की
शक्ल
देखने
को
हम
तरस
गए
Kaifi Azmi
Send
Download Image
41 Likes
अच्छों
से
पता
चलता
है
इंसाँ
को
बुरों
का
रावन
का
पता
चल
न
सका
राम
से
पहले
Rizwan Banarasi
Send
Download Image
39 Likes
मत
सहल
हमें
जानो
फिरता
है
फ़लक
बरसों
तब
ख़ाक
के
पर्दे
से
इंसान
निकलते
हैं
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
16 Likes
बस
एक
मैं
था
जिस
सेे
सच
मुच
में
दिलबरी
की
वरना
हर
आदमी
से
उसने
दो
नंबरी
की
जिस
बात
में
भी
हमने
ख़ुद
को
अकेला
रक्खा
बाग़ात
में
भी
हमने
जोड़ों
की
मुख़बरी
की
Read Full
Muzdum Khan
Send
Download Image
37 Likes
गिरजा
में
मंदिरों
में
अज़ानों
में
बट
गया
होते
ही
सुब्ह
आदमी
ख़ानों
में
बट
गया
Nida Fazli
Send
Download Image
31 Likes
मैं
तुझे
खो
के
भी
ज़िंदा
हूँ
ये
देखा
तूने
किस
क़दर
हौसला
हारे
हुए
इंसान
में
है
Abbas Tabish
Send
Download Image
53 Likes
सुब्ह-ए-मग़रूर
को
वो
शाम
भी
कर
देता
है
शोहरतें
छीन
के
गुमनाम
भी
कर
देता
है
वक़्त
से
आँख
मिलाने
की
हिमाकत
न
करो
वक़्त
इंसान
को
नीलाम
भी
कर
देता
है
Read Full
Nadeem Farrukh
Send
Download Image
61 Likes
आने
वाले
जाने
वाले
हर
ज़माने
के
लिए
आदमी
मज़दूर
है
राहें
बनाने
के
लिए
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
22 Likes
उस
के
दुश्मन
हैं
बहुत
आदमी
अच्छा
होगा
वो
भी
मेरी
ही
तरह
शहर
में
तन्हा
होगा
Nida Fazli
Send
Download Image
52 Likes
Read More
एक
तो
जीने
दो
या
जाने
दो
मुझको
आप
तो
दोनों
तरफ़
राज़ी
नहीं
हैं
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
1 Like
मरीज़-ए-इश्क़
हूँ
दीदार-ए-यार
काफ़ी
है
मिलेगा
दीद
से
जो
भी
क़रार
काफ़ी
है
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
5 Likes
मुझे
यूँँ
साज़िशन
कमज़र्फ़
साबित
कर
दिया
तुमने
इसी
हरकत
से
अब
मुझको
जुनूँ
से
भर
दिया
तुमने
मैं
अपने
आप
से
ही
ठानता
हूँ
आज
अब
ये
ज़िद
तुम्हारी
तोता-चश्मी
से
नया
मंज़र
दिया
तुमने
Read Full
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
1 Like
मेरी
आदत
है
मुस्कुराने
की
ये
महारत
है
ग़म
छुपाने
की
एक
मुद्दत
से
राह
हूँ
तकता
आज
रुत
है
बहार
आने
की
जब
तरन्नुम
नहीं
है
साँसों
में
क्या
पड़ी
फिर
यूँँ
गुनगुनाने
की
एक
पत्थर
की
बाँसुरी
है
ग़ज़ल
सिर्फ़
शाइर
के
है
बजाने
की
इतनी
नफ़रत
में
है
घिरी
दुनिया
यह
मुहब्बत
है
बस
दिखाने
की
'नित्य'
वो
गश
में
आ
गई
होगी
ख़बरें
सुनकर
न
मेरे
आने
की
Read Full
Nityanand Vajpayee
Download Image
2 Likes
सभी
कुछ
छीन
लो
मुझ
सेे
ये
मेरा
दर्द
मत
छीनो
कसक
के
बिन
मेरी
ये
शा'इरी
मर
जाएगी
तन्हा
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Travel Shayari
Maut Shayari
Relationship Shayari
Happy New Year Shayari
Deedar Shayari