mujh pe ungli utha rahe ho tum | मुझ पे उँगली उठा रहे हो तुम

  - Nityanand Vajpayee
मुझपेउँगलीउठारहेहोतुम
सचकोझूठाबनारहेहोतुम
साफ़-गोईसेझूठेजुमलेफेंक
मनहीमनमुस्कुरारहेहोतुम
करकेशिकवेगिलेसभीसेयहाँ
कैसीसाज़िशरचारहेहोतुम
तुममेंरेज़ातलकसचकाहै
फिरभलाक्यादिखारहेहोतुम
मुझ
मेंमैंअबबचाहीकितनाहूँ
नित्यबसटिमटिमारहेहोतुम
  - Nityanand Vajpayee
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