माँ भले शक्कर थीं थोड़े थे तो खारे बाउजी

  - Nityanand Vajpayee
माँभलेशक्करथींथोड़ेथेतोखारेबाउजी
किंतुजीवनकेसहारेथेहमारेबाउजी
भागएमेलेमेंजितनेभीखिलौनेथेहमें
जेबख़ालीकरकेभीलाएवोसारेबाउजी
बेटियोंकीमायकेमेंअहमियतहीक्याबची
होगएजबसेसुपुर्द-ए-ख़ाकप्यारेबाउजी
क्याकहूँवोसख़्तथेपरसिर्फ़बाहरकीतरफ़
बेलकेफलजैसेअंदरथेगुदारेबाउजी
वोगणितजब-जबपढ़ातेथेहमेंअम्माक़सम
कानपरलाफोंपेलाफेधरकेहारेबाउजी
मुझकोदसवींक्लासमेंअव्वलसुनातोरोपड़े
इतनेभावुकथेहमारेप्यारे-प्यारेबाउजी
उनकीहरएकसीखनेहमकोसँभालाहरक़दम
नित्यमेरीचेतनाकेहैंसितारेबाउजी
  - Nityanand Vajpayee
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