किसी के हुस्न की वादी में सैर कर आया

  - Nityanand Vajpayee
किसीकेहुस्नकीवादीमेंसैरकरआया
बिनाछुएवोसमुंदरमैंतैरकरआया
निगाह-ए-यारमेंअज़मतकमानामुश्किलथा
मैंकामखेंच-खुरचतेबग़ैरकरआया
शिकस्त-ए-रंगज़मानाहैमेरेआगेअब
मैंबादशाहोंसेभीकैसेबैरकरआया
बमुश्किलातमैंज़िंदादिलीसेज़िंदाहूँ
येसाराथातोकठिनपरमैंख़ैरकरआया
वोजिनकेमुँहकीतरफ़मुँहभीडरसेहोताथा
मैंउनकेमुँहकीतरफ़अपनापैरकरआया
  - Nityanand Vajpayee
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy