khud ke mahboob ka ham kaise pata bhool ga.e | ख़ुद के महबूब का हम कैसे पता भूल गए

  - Nityanand Vajpayee
ख़ुदकेमहबूबकाहमकैसेपताभूलगए
इकतोबीमारथेऔरदूजेदवाभूलगए
एकदोदिनहीहुएमुझसेेबिछड़करउनको
साँसलेनेकेलिएवोभीहवाभूलगए
ज्यूँहीहिरनीकीतरहउसनेकुलाँचेमारीं
हमनशेमेंतोथेपरसारानशाभूलगए
इश्क़कारोगलगाउनकोजोमुझसेेमिलकर
तबसेवोहँसनेहँसानेकीअदाभूलगए
इतनेदिनबीतगएकॉलमैसेजकोई
कैसेउल्फ़तमेंनिभानावोवफ़ाभूलगए
  - Nityanand Vajpayee
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