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NISHKARSH AGGARWAL
jab khudkushi na kar sakaa vo apne dukh se tab
jab khudkushi na kar sakaa vo apne dukh se tab | जब ख़ुद-कुशी न कर सका वो अपने दुख से तब
- NISHKARSH AGGARWAL
जब
ख़ुद-कुशी
न
कर
सका
वो
अपने
दुख
से
तब
उसको
किसी
ने
यार
मिरा
दुख
बता
दिया
- NISHKARSH AGGARWAL
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एक
सीता
की
रिफ़ाक़त
है
तो
सब
कुछ
पास
है
ज़िंदगी
कहते
हैं
जिस
को
राम
का
बन-बास
है
Hafeez Banarasi
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दाग़
दुनिया
ने
दिए
ज़ख़्म
ज़माने
से
मिले
हम
को
तोहफ़े
ये
तुम्हें
दोस्त
बनाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
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दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
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अब
उस
सेे
दोस्ती
है
जिस
सेे
कल
मुहब्बत
थी
अब
इस
सेे
ज़्यादा
बुरा
वक़्त
कुछ
नहीं
है
दोस्त
Vishal Singh Tabish
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बहुत
चल
बसे
यार
ऐ
ज़िंदगी
कोई
दिन
की
मेहमान
तू
रह
गई
Dagh Dehlvi
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यार
उसके
क़ीमती
तोहफ़े
तो
लाए
थे
बहुत
मैं
बरेली
का
था
मैंने
ला
के
झुमका
दे
दिया
Rudransh Trigunayat
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नाराज़गी
का
मेरी
ये
आलम
है
इन
दिनों
है
बंद
अपने
आप
से
भी
बोल-चाल
यार
Rajesh Reddy
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फिर
आज
यारों
ने
तुम्हारी
बात
की
फिर
यार
महफ़िल
में
मिरी
खिल्ली
उड़ी
Harsh saxena
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हैराँ
मैं
भी
हूँ
दोस्त
यूँँ
बालों
में
गजरा
देखकर
ये
फूल
आख़िर
कबसे
फूलों
को
पहनने
लग
गया
Neeraj Neer
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ढूंढ़
लेंगी
ये
नज़रें
फिर
तुमको
नज़रों
से
कब
तलक
बचोगे
तुम
NISHKARSH AGGARWAL
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कल
छत
पे
तुझे
देख
सनम
चाँद
यूँँ
बोला
ये
किसने
बनाया
ज़मीं
पे
चेहरा
हमारा
NISHKARSH AGGARWAL
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तेरी
इन
यादों
की
धीमी
आँच
पे,
रोज़
जलता
है
सनम
ये
दिल
मिरा
NISHKARSH AGGARWAL
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छोड़
के
जब
से
गया
दिलबर
हमारा
दिल
कहीं
लगता
नहीं
पलभर
हमारा
लो
ले
जाओ
यार
अब
तुम
ही
सँभालो
है
नहीं
अब
ज़ोर
इस
दिल
पर
हमारा
जानते
हो
फिर
भी
तुम
क्यूँ
पूछते
हो
चल
रहा
है
किस
सेे
अब
चक्कर
हमारा
हम
भी
रोने
लगते
हैं
अब
साथ
में
यार
रोता
है
बरसात
में
जब
घर
हमारा
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NISHKARSH AGGARWAL
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यारों
ने
पूरी
कर
दी
है
कमी
दीवारों
की
दीवारों
ने
पूरी
कर
दी
है
कमी
यारों
की
NISHKARSH AGGARWAL
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