yuñ basar zindagi ho nahin sakti hai | यूँँ बसर ज़िन्दगी हो नहीं सकती है

  - Neeraj Neer
यूँँबसरज़िन्दगीहोनहींसकतीहै
उम्रभरशा'इरीहोनहींसकतीहै
हूँमैंबेटाबड़ादुखमिरेहैकईं
इसलिएख़ुद-कुशीहोनहींसकतीहै
औरतुमप्यारथेइसलिएकहरहा
दरमियाँदोस्तीहोनहींसकतीहै
दोइजाज़तकिअबचीखनाहैमुझे
हिज्रमेंख़ामुशीहोनहींसकतीहै
हैफ़देनीपड़ेगीख़बरमाँकोफिर
शहरसवापसीहोनहींसकतीहै
'नीर'पेदोस्तवहशतहैबस'मीर'की
उससेअबनौकरीहोनहींसकतीहै
  - Neeraj Neer
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