hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Naviii dar b dar
yaadon ke bhi sahaare dhare rah ga.e
yaadon ke bhi sahaare dhare rah ga.e | यादों के भी सहारे धरे रह गए
- Naviii dar b dar
यादों
के
भी
सहारे
धरे
रह
गए
दुनिया
में
इश्क़
सारे
धरे
रह
गए
हाथ
तो
थाम
ही
जब
लिया
और
का
थे
जो
क़िस्से
हमारे
धरे
रह
गए
अब
तो
जीना
भी
मुश्किल
यूँँ
लगता
ही
है
बातों
के
वो
किनारे
धरे
रह
गए
अक़्ल
मर
ही
गई
प्यार
में
भी
सनम
सब
मुहब्बत
के
मारे
धरे
रह
गए
कुछ
तो
आँखों
का
जादू
था
उसने
किया
भटके
भूले
वो
प्यारे
धरे
रह
गए
बात
उनकी
रही
ज़िक्र
में
ही
सदा
क़िस्से
सारे
के
सारे
धरे
रह
गए
हो
गए
एक
सारे
ज़माने
में
अब
इक
'नवी'
जो
कुँवारे
धरे
रह
गए
- Naviii dar b dar
Download Ghazal Image
हमको
नहीं
है
दोस्तों
ये
आशिक़ी
का
फ़न
हमको
मिला
है
शौक़
से
ये
तिश्नगी
का
फ़न
रखते
भी
हैं
दिल
में
यूँँ
तो
ज़िंदादिली
को
सब
इंसानों
को
है
खींचता
बस
बेहतरी
का
फ़न
Read Full
Naviii dar b dar
Send
Download Image
1 Like
उसका
ही
हरदम
उसका
ही
हर
रोज़
बनना
है
मुझको
तो
इश्क़
में
फिर
एक
इमरोज़
बनना
है
Naviii dar b dar
Send
Download Image
0 Likes
ख़्वाबों
की
बस
एक
नादानी
के
सिवा
क्या
मिला
मुझको
परेशानी
के
सिवा
ठोकरें
खाते
रहे
राहों
में
यूँँ
ही
कुछ
भी
तो
है
क्या
पशेमानी
के
सिवा
क्यूँ
वो
आँखों
में
भी
छाया
है
इस
क़दर
वो
नहीं
है
क्यूँ
निगहबानी
के
सिवा
Read Full
Naviii dar b dar
Download Image
1 Like
'अक़ीदत
करे
कौन
इस
दुनिया
में
भी
यहाँ
तो
निभाने
को
रिश्ते
नहीं
अब
Naviii dar b dar
Send
Download Image
1 Like
वो
अलग
किरदार
में
दिखता
है
अब
आदमी
क्यूँ
हार
में
दिखता
है
अब
देखकर
दुख
होता
है
दिल
को
मेरे
झूठ
हर
अख़बार
में
दिखता
है
अब
Read Full
Naviii dar b dar
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhayali Shayari
Wahshat Shayari
Baarish Shayari
Kismat Shayari
Sooraj Shayari