hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Naviii dar b dar
kiski aankhoñ men samaaye rahte ho
kiski aankhoñ men samaaye rahte ho | किसकी आँखों में समाए रहते हो
- Naviii dar b dar
किसकी
आँखों
में
समाए
रहते
हो
इश्क़
की
दुनिया
बसाए
रहते
हो
इक
नज़र
यूँँ
मुस्कुरा
के
देखो
भी
दिल
को
तुम
मेरे
जलाए
रहते
हो
प्यार
हम
सेे
तो
कहाँ
करते
हो
तुम
सारी
दुनिया
को
रिझाए
रहते
हो
आँखों
ही
आँखों
में
कहके
बात
को
हमको
बस
यूँँ
ही
सताए
रहते
हो
दिल
को
भी
यूँँ
हम
तसल्ली
कैसे
दें
आँखों
में
ऐसे
ही
छाए
रहते
हो
- Naviii dar b dar
Download Ghazal Image
इश्क़
आसाँ
नहीं
है
डगर
के
लिए
रास्ते
भटके
हैं
यूँँ
नज़र
के
लिए
कोई
तन्हा
नहीं
जी
रहा
है
यहाँ
यादें
ही
साथ
हैं
हर
सफ़र
के
लिए
Read Full
Naviii dar b dar
Send
Download Image
0 Likes
ये
ख़्वाबों
की
दुनिया
बसाए
हैं
हम
भी
मुहब्बत
ज़रा
आज़माए
हैं
हम
भी
सजाए
तो
कैसे
सजाए
कोई
ख़्वाब
यहाँ
मुफ़लिसी
के
सताए
हैं
हम
भी
Read Full
Naviii dar b dar
Send
Download Image
0 Likes
तो
इस
नफ़रत
ने
सब
को
बाँट
के
रख
ही
दिया
लहू
का
क़तरा
भी
अब
तेरा
मेरा
हो
चला
Naviii dar b dar
Send
Download Image
1 Like
हैं
सैकड़ों
ये
फ़ासले
हम
दोनों
में
इक
आस
तेरी
दिल
से
क्यूँँ
जाती
नहीं
Naviii dar b dar
Send
Download Image
1 Like
यूँँ
कैसे
रोक
लें
हो
पास
जब
तुम
भी
मुहब्बत
में
मुलव्वस
एक
तुम
भी
हो
Naviii dar b dar
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Saadgi Shayari
Aanch Shayari
Visaal Shayari
Qatil Shayari
Crime Shayari