in khyaalon ko bhaata koii | इन ख़यालों को भाता कोई

  - Naviii dar b dar
इनख़यालोंकोभाताकोई
धड़कनोंकोबढ़ाताकोई
वोनहींजाताआँखोंसेभी
दिलमेंयूँँजबबसाताकोई
जबभीमिलताकहींऐसेही
रूठनेपरमनाताकोई
इश्क़तेराजोहोतामुझे
मेरेसपनेसजाताकोई
तेराहोकरकेतेरारहूँ
झूठेवादेनिभाताकोई
कुछपलोंकीतोहैज़िंदगी
बातवोजानजाताकोई
नींदहैखोईअबरातोंमें
हालयेभीबताताकोई
  - Naviii dar b dar
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