ख़याल-ए-तर्क-ए-तमन्ना न कर सके तू भी

  - Nasir Kazmi
ख़याल-ए-तर्क-ए-तमन्नाकरसकेतूभी
उदासियोंकामुदावाकरसकेतूभी
कभीवोवक़्तभीआएकिकोईलम्हा-ए-ऐश
मेरेबग़ैरगवाराकरसकेतूभी
ख़ुदावोदिनदिखाएतुझेकिमेरीतरह
मेरीवफ़ापेभरोसाकरसकेतूभी
मैंअपनाउक़्दा-ए-दिलतुझकोसौंपदेताहूँ
बड़ामज़ाहोअगरवाकरसकेतूभी
तुझेयेग़मकिमेरीज़िंदगीकाक्याहोगा
मुझेयेज़िदकिमुदावाकरसकेतूभी
करख़याल-ए-तलाफ़ीकिमेराज़ख़्म-ए-वफ़ा
वोज़ख़्महैजिसेअच्छाकरसकेतूभी
  - Nasir Kazmi
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