सोचा था तुमने दिरहम-ओ-दीनार देंगे लोग

  - Nasir Amrohvi
सोचाथातुमनेदिरहम-ओ-दीनारदेंगेलोग
सरकाटदेंगेफिरतुम्हेंदस्तारदेंगेलोग
इफ़्लास-ओ-तंग-दस्तीकाए'जाज़येभीहै
माँगोगेगरक़लमतुम्हेंहथियारदेंगेलोग
पहले-पहलतोवस्लकीलज़्ज़तमिलेगीऔर
फिरउम्रभरकोहिज्रकाआज़ारदेंगेलोग
मुजरिमरिहाहुएहैंतोमा'सूमक़ैदहैं
किसकोख़बरथीऐसीभीसरकारदेंगेलोग
सचबोलनाहैजुर्मयेतस्लीमहैमगर
इकजुर्मकीसज़ामुझेसौबारदेंगेलोग
बोलूँअगरमैंझूटतोमरजाएगाज़मीर
कहदूँअगरमैंसचतोमुझेमारदेंगेलोग
मैंहीकरूँँगाशहरकीमिट्टीकोसुरख़-रू
मेरेहीख़ूँसेछापकेअख़बारदेंगेलोग
  - Nasir Amrohvi
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