aankhoñ ye aañsu bhi rastaa chahta hai | आँखों ये आँसू भी रस्ता चाहता है

  - Nakul kumar
आँखोंयेआँसूभीरस्ताचाहताहै
कोईग़महैजोनिकलनाचाहताहै
कितनाहैबे-ताबमुझकोतोड़करभी
फिरवोपत्थरकोईशीशाचाहताहै
ज़ेहनमानेबैठाहैरस्ताबदललूँ
महज़दिलहैकीबहानाचाहताहै
वक़्तबदलाहैमिराचेहरानहींदोस्त
अबतूमेरेसाथरिश्ताचाहताहै
भीखजबरनमाँगनीपड़तीहैउसको
बच्चावोभीइकखिलौनाचाहताहै
  - Nakul kumar
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