क्याकहूँकैसेकहूँबेहालहूँइसहालमें
बेसुधीमेंगुमहूँतेरीयादोंकेजंजालमें
लोगसुनकरवाह-वाहीकरतेहैंहरबारही
रोज़हीरोताहूँअबतोमैंकिसीसुर-तालमें
तेरेदिलमेंघरकियातोयेलगामुझकोअभी
मेरातोघरहोगयाहैकालकेहीगालमें
खींचलीहैखालसबख़ुशियोंकेहीबिकवालने
कौनढूँढ़ेगामुझेमेरेहीइसकंकालमें
तूनहींआयाकिअबहैसालआनेकोनया
फिरअधूरारहगयाहूँइसगुज़रतेसालमें
लौटआयाहूँसमुंदरसेइसीउम्मीदमें
कोईतोमछलीमिलेठहरेहुएइसतालमें
जारहीहोछोड़करमुझकोजहाँआऊँगामैं
चाहतीहैइकहसींमुझकोतिरेससुरालमें
क्याकरूँँक्यादर्दअपनेबाँटलूँदुनियासेमैं
घोलदूँगाअपनेसारेअश्कइसपातालमें
मुझकोपूराखागयाहैदिलकेदरवाज़ेतलक
भेड़ियाफिरमिलगयाहैभेड़कीहीखालमें