na badla hai kuchh bhi kisi haal men | न बदला है कुछ भी किसी हाल में

  - nakul kumar
बदलाहैकुछभीकिसीहालमें
वहीहैंमसाइलनएसालमें
ज़राग़ौरसेअबमुझेदेखिए
वहीएकबन्दाख़द-ओ-ख़ालमें
कभीतोरिहाईइन्हेंभीमिले
जोकबसेफँसेहैंकिसीजालमें
इन्हेंग़मलगाहैगएसालका
जोरोनेलगेहैंयूँँसुर-तालमें
नहींकुछमिलेगामिरीज़ातमें
ज़ाहिदमिलेगाबद-आमालमें
हैमेरीकहानीयहींतकअभी
परिंदासमायापर-ओ-बालमें
मुहब्बतकाकीड़ाभीमरजाएगा
ज़राख़ुदकोरखिएमिरेहालमें
  - nakul kumar
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