kuchh na kahenge ham bhi tere kehne tak | कुछ न कहेंगे हम भी तेरे कहने तक

  - nakul kumar
कुछकहेंगेहमभीतेरेकहनेतक
चुपहीरहेंगेतेरेभीचुपरहनेतक
तेरेज़ुल्मसहेंगेचाहेमरजाऍं
उफ़करेंगेआँखसेदरियाबहनेतक
बस्तीबस्तीघू
मेंगेघरढूॅंढ़ेंगे
रहजाऍंगेशहरमेंतेरेरहनेतक
चाहेजैसाहालहोअपनाक्याग़महै
प्यारकरेंगेतुझकोतेरेकहनेतक
येतेराशफ़्फ़ाफ़बदनसबफीकेहैं
चाँदसितारेलालीसुरमागहनेतक
तुझसेेमिलकरउम्रगँवाऍंगेअपनी
सहलेंगेफिरहिज्रभीतेरासहनेतक
  - nakul kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy