इन्ही पिछले दिनों से कुछ मुझे इस बात का ग़म है

  - nakul kumar
इन्हीपिछलेदिनोंसेकुछमुझेइसबातकाग़महै
अगरमैंरोरहाहूँतोतिरीक्यूँँआँखपुर-नमहै
तिरीतस्वीरहैयेरातहैबारिशहैबादलभी
मगरफिरभीजानेक्यूँँयहाँकुछतोअभीकमहै
तिरेजानेसेकुछऐसाहैआलमज़िन्दगानीमें
तेरेबादहैदुश्मनतेरेबादहम-दमहै
तिरीफ़ुर्क़तमेंइससर्दीमेंसीनेमेंजलनसीहै
येमौसमभीमिरीजानाँबड़ाबद-ज़ातमौसमहै
मैंज़ेह्नीतौरपरबीमारहूँपिछलेमहीनेसे
कोईसाथहम-दमहैअरहमहैमरहमहै
तुझेगुज़रेहुएतोहोगएदोसालबारहदिन
मिरेदिलकेमुहल्लेमेंयेफिरक्यूँँआजमातमहै
  - nakul kumar
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