बे-तहाशा दौड़ता हूँ इस मकान में

  - nakul kumar
बे-तहाशादौड़ताहूँइसमकानमें
देखताहूँकुछज़मीनेंआसमानमें
मस्तियाँहोंयाफ़क़ीरीसरपेरखताहूँ
शोहरतेंरखीहैंसारीपायदानमें
इकपुरानीजींसमेंतिरारुमालहै
कुछतोबाक़ीरहगयाहैदरमियानमें
दिल-लगीमेंखागएहोदिलमिराजोतुम
जानवरहैयादरिंदासाहिबानमें
बेचदीहैंसारीख़ुशियाँकौड़ियोंकेभाव
रहगएहैंग़महीग़ममिरीदुकानमें
  - nakul kumar
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