हमअपनेघरसेब-रंग-ए-हवानिकलतेहैं
किसीकेहक़मेंकिसीकेख़िलाफ़चलतेहैं
अभीतोदिनहैअभीतख़्त-ए-आसमाँपेचमक
तुलू-ए-शामकेसाथआफ़्ताबढलतेहैं
चलेभीहमतोमह-ओ-सालकीमिसालचले
फ़क़ीरलोगइन्हीसिलसिलोंमेंपलतेहैं
उड़ेभीहमतोउसीसम्तरुख़रहाअपना
जिधरउड़ेंतोफ़रिश्तोंकेपरभीजलतेहैं
हमारेअक्सतिरेशहरमेंरहेआबाद
किउसजगहतोफ़क़तआइनेबदलतेहैं
ज़मींपेपाँवज़राएहतियातसेधरना
उखड़गएतोक़दमफिरकहाँसँभलतेहैं
'नजीब'जिनकोग़रज़होनकुछज़मानेसे
उन्हींकेसाथअबदतकज़मानेचलतेहैं