tumhein ye uzr hai | तुम्हें ये उज़्र है

  - Nahid Qasmi
तुम्हेंयेउज़्रहै
तुमकोजोदीगईहैज़मीं
वोमुख़्तसरहैबहुत
जोबाज़ुओंमेंसमेटोतोवोसिमटजाए
इसीलिएहोतुमएहसास-ए-कम-तरीकाशिकार
औरउनकोकितनीइरादतसेदेखतेहो
जिन्हें
ज़मींमिलीहैहुदूद-ए-निगाहसेभीबहुतदूरदूरफैलीहुई
सुनो
ज़मींकीवुसअततोकोईचीज़नहीं
जोनस्लआएगीकलवोहदेंनापेगी
फ़क़तयेदेखेगी
किजोलताफ़त-ए-क़ल्ब-ओ-नज़रयहाँपरहै
क़रीबदूरकहींभीनहीं
कहींभीनहीं
तुमअपनेकाँधोंपेअपनाहीसरतुलूअकरो
सफ़रशुरूअकरो
  - Nahid Qasmi
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