gar dil se bhulaai mirii chaahat nahin jaati | गर दिल से भुलाई मिरी चाहत नहीं जाती

  - Naheed Virk
गरदिलसेभुलाईमिरीचाहतनहींजाती
क्यूँँफिरतिरीइंकारकीआदतनहींजाती
फिरओढ़लीहैहमनेतिरेनामकीचादर
फिरदिलसे,वहीघरकीज़रूरतनहींजाती
क्यूँँरातकेपर्देमेंछुपादिननहींआता?
क्यूँँआँखसेलिपटीयेमसाफ़तनहींजाती
क्यूँँवक़्तरुकाहैमिरीआँखोंमेंअभीतक?
क्यूँँलम्सकीतेरेवोतमाज़तनहींजाती
क्यूँँवस्लकीबारिशनहींहोतीमिरेआँगन?
क्यूँँहिज्रकी'नाहीद'येहिद्दतनहींजाती
  - Naheed Virk
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