abhii se taq-e-talab par na tu saja mujh ko | अभी से ताक़-ए-तलब पर न तू सजा मुझ को

  - Naheed Virk
अभीसेताक़-ए-तलबपरतूसजामुझको
अभीतोकरनाहैइसदिलसेमशवरामुझको
अभीशबीहमुकम्मलनहींहुईतेरी
अभीतोभरनाहैइकरंग-ए-मावरामुझको
कोईकोईतोसूरतनिकलहीआएगी
ज़राबताओतोदरपेशमरहलामुझको
येबातबातपेतकरार-ओ-बहसक्याकरना
किजीतनाहैतुम्हेंऔरहारनामुझको
मैंउसकीज़ातमेंशामिलथी,उसकोमिलजाती
दुआ-ए-ख़ैरसमझकरवोमाँगतामुझको
मैंजिसमेंदेखकेख़ुदकोसँवारलूँ'नाहीद'
अभीमिलाहीकहाँहैवोआइनामुझको
  - Naheed Virk
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