nazar se jis ki ab mastur hooñ main | नज़र से जिस की अब मस्तूर हूँ मैं

  - Nafeesa Sultana Ana
नज़रसेजिसकीअबमस्तूरहूँमैं
उसीकीयादसेमा'मूरहूँमैं
चटानोंकीतरहमद्द-ए-मुक़ाबिल
मगरअंदरसेचकना-चूरहूँमैं
शब-ए-ज़ुल्मतनहींहव्वाकीबेटी
उजालाहूँसहरकानूरहूँमैं
मोहब्बतकातक़ाज़ाहैमुरव्वत
समझनायेनहींमजबूरहूँमैं
वफ़ाकाप्यारकापैकरहूँलेकिन
जोहोसय्यादतोज़ंबूरहूँमैं
हवालेकरउड़ीहैज़र्दपत्ते
चमनमेंनर्गिस-ए-रंजूरहूँमैं
निशाँउसकीजबींकाकहरहाहै
तजल्लीसेजलाहूँतूरहूँमैं
'अना'टूटीफ़क़तरुस्वाइयोंसे
ख़ुशामदसेतोकोसोंदूरहूँमैं
  - Nafeesa Sultana Ana
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