mujh men meri zaat bhi rakkhi hui hai dost | मुझ में मेरी ज़ात भी रक्खी हुई है दोस्त

  - Naeem Sarmad
मुझमेंमेरीज़ातभीरक्खीहुईहैदोस्त
छोड़येबाततोऔरभीउलझीहुईहैदोस्त
हमलोगोंकोपानीअच्छालगताहै
हमलोगोंनेमिट्टीपहनीहुईहैदोस्त
कितनासज-धजकरमहफ़िलमेंआयाहूँ
मेरीवहशतघरपररक्खीहुईहैदोस्त
इसतस्वीरकालहजादेखरहाहैतू
येतस्वीरभीमुझसेरूठीहुईदोस्त
वोलड़कीजोसबसेज़ियादाहँसरहीहै
उसकीआँखेंदेखवोरोईहुईहैदोस्त
जिसबक्सेमेंतेरेसूटरखेहैंना
उसमेंमेरीजींसभीरक्खीहुईहैदोस्त
  - Naeem Sarmad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy