zameen lapetata hai aasmaañ sametta hai | ज़मीं लपेटता है आसमाँ समेटता है

  - Nadiya ambar lodhi
ज़मींलपेटताहैआसमाँसमेटताहै
कहाँकीबातकोयेदिलकहाँसमेटताहै
हुसैनरिफ़अतेंतक़्सीमकरताहैअबभी
यज़ीदआजभीरुस्वाइयाँसमेटताहै
वहींपेगर्दिशेंरुकसकतीहैंज़मानेकी
वोजस्तभरताहैऔरपरजहाँसमेटताहै
उसेबतानाकितुमजबकहींभीटूटतेहो
तुम्हारीकिर्चियाँकोईयहाँसमेटताहै
किसीमें'नादिया'जुज़इश्क़इतनाज़र्फ़कहाँ
हैकौनबिखरेदिलोंकोजोयाँसमेटताहै
  - Nadiya ambar lodhi
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