ye haadisa bhi sar-e-rahguzaar hona tha | ये हादिसा भी सर-ए-रहगुज़ार होना था

  - Nabeel Ahmad Nabeel
येहादिसाभीसर-ए-रहगुज़ारहोनाथा
तिरीतलाशमेंमुझकोग़ुबारहोनाथा
उचकलियाहैउन्हेंभीख़िज़ाँकेमौसमने
वोफूल-पातकिजिनकोबहारहोनाथा
हमेंख़बरथीतिरीतर्ज़-ए-बादशाहीसे
हुनर-वरोंकोहीबे-इख़्तियारहोनाथा
उन्हींकेहाथगरेबानमेंपड़ेहुएहैं
जिन्हेंसदासहीख़िदमत-गुज़ारहोनाथा
गुमाँकीधूलमिरेदिलपेमलगयाहैवही
वोशख़्सजिसकोमिराए'तिबारहोनाथा
भरोसाग़ैरकीछाँवपेहमकरतेअगर
सरोंपेसाया-ए-परवरदिगारहोनाथा
बदलदियाउन्हेंमिट्टीकेबर्तनोंमें'नबील'
वोचीज़ेंजिनकोबहुतपाएदारहोनाथा
  - Nabeel Ahmad Nabeel
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