na kisi ki aankh ka noor hooñ na kisi ke dil ka qaraar hooñ | न किसी की आँख का नूर हूँ न किसी के दिल का क़रार हूँ

  - Muztar Khairabadi
किसीकीआँखकानूरहूँकिसीकेदिलकाक़रारहूँ
किसीकाममेंजोसकेमैंवोएकमुश्त-ए-ग़ुबारहूँ
दवा-ए-दर्द-ए-जिगरहूँमैंकिसीकीमीठीनज़रहूँमैं
इधरहूँमैंउधरहूँमैंशकेबहूँक़रारहूँ
मिरावक़्तमुझसेबिछड़गयामिरारंग-रूपबिगड़गया
जोख़िज़ाँसेबाग़उजड़गयामैंउसीकीफ़स्ल-ए-बहारहूँ
पएफ़ातिहाकोईआएक्यूँँकोईचारफूलचढ़ाएक्यूँँ
कोईकेशम्अ'जलाएक्यूँँमैंवोबेकसीकामज़ारहूँ
मैंलागहूँलगावहूँसुहागहूँसुभावहूँ
जोबिगड़गयावोबनावहूँजोनहींरहावोसिंगारहूँ
मैंनहींहूँनग़्मा-ए-जाँ-फ़ज़ामुझेसुनकेकोईकरेगाक्या
मैंबड़ेबिरोगकीहूँसदामैंबड़ेदुखीकीपुकारहूँ
मैं'मुज़्तर'उनकाहबीबहूँमैं'मुज़्तर'उनकारक़ीबहूँ
जोबिगड़गयावोनसीबहूँजोउजड़गयावोदयारहूँ
  - Muztar Khairabadi
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