KHush bahut tha ek lamha shaadmaani dekh kar | ख़ुश बहुत था एक लम्हा शादमानी देख कर

  - Muntazir Firozabadi
ख़ुशबहुतथाएकलम्हाशादमानीदेखकर
ग़महुआमुझकोयूँँग़मकीतर्जुमानीदेखकर
जोगुज़रतीजारहीहैनामउसकाउम्रहै
ज़िंदगीहैरानहैइसकीरवानीदेखकर
हाएइससय्यादनेदीवाररंगवादीअजीब
उड़रहेहैंसारेपंछीआसमानीदेखकर
जुगनुओंनेआजदावतपरबुलायाचाँदको
चाँदशबभरटिमटिमायामेज़बानीदेखकर
आँखेंमेरीथींलबालबगर्दकापहराथायाँ
वोयेसमझाधोकाहैसहरामेंपानीदेखकर
क्यामज़ागरइश्क़मेंथोड़ीबहुतदूरीहो
उसनेख़ुदसेयेकहामेरीनिशानीदेखकर
एकतोदिलशाइ'रानाऔरफिरमजरूहभी
चैनमुझकोआएगाबसबाग़बानीदेखकर
मुट्ठियोंमेंख़ाकलेकरगएहैंसबकेसब
करदोमुझकोदफ़्नमेरीबे-मकानीदेखकर
वोमोहब्बतकेमआ'नीबसबताताहीरहा
इश्क़फिरजातारहादश्त-ए-मआ'नीदेखकर
राज़थोड़ेआओखोलेंउसख़ुदाकेमुंतज़िर
इसज़मींपरआसमाँकीहुक्मरानीदेखकर
  - Muntazir Firozabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy