hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Harsh Kumar
haay ye jaun kii udaasi harsh
haay ye jaun kii udaasi harsh | हाए ये जौन की उदासी 'हर्ष'
- Harsh Kumar
हाए
ये
जौन
की
उदासी
'हर्ष'
हमको
कितना
उदास
करती
है
- Harsh Kumar
Download Sher Image
कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
Read Full
Ashutosh Vdyarthi
Send
Download Image
51 Likes
मैं
ज़िंदगी
के
सभी
ग़म
भुलाए
बैठा
हूँ
तुम्हारे
इश्क़
से
कितनी
मुझे
सहूलत
है
Zeeshan Sahil
Send
Download Image
42 Likes
अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
38 Likes
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
Send
Download Image
41 Likes
इस
कदर
मत
उदास
हो
जैसे
ये
मोहब्बत
का
आख़िरी
दिन
है
Idris Babar
Send
Download Image
53 Likes
पत्थर
के
जिगर
वालो
ग़म
में
वो
रवानी
है
ख़ुद
राह
बना
लेगा
बहता
हुआ
पानी
है
Bashir Badr
Send
Download Image
20 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
वो
जिसकी
याद
ने
जीना
मुहाल
कर
रखा
है
उसी
की
आस
ने
मुझको
सँभाल
कर
रखा
है
सियाह
रातों
में
साए
से
बातें
करता
है
तुम्हारे
ग़म
ने
नया
रोग
पाल
कर
रखा
है
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
अपनी
हालत
का
ख़ुद
एहसास
नहीं
है
मुझ
को
मैं
ने
औरों
से
सुना
है
कि
परेशान
हूँ
मैं
Aasi Uldani
Send
Download Image
50 Likes
Read More
उसे
मालूम
ही
नइँ
है
मुहब्बत
बहुत
वो
साफ़
सुथरा
हो
गया
है
Harsh Kumar
Send
Download Image
0 Likes
नहीं
आता
है
जिनको
ख़याल
लिखना
भी
सिखाएँगे
वो
लिखना
शा'इरी
मुझको
Harsh Kumar
Send
Download Image
1 Like
निकल
आई
हो
तुम
उस
चाँद
जैसे
न
जाने
कितनों
की
अब
रात
होगी
Harsh Kumar
Send
Download Image
0 Likes
मिरी
इक
बात
कह
देना
ज़रा
उसको
नहीं
आती
है
करनी
अब
वफ़ा
उसको
हुई
हो
जिसको
बीमारी
मुहब्बत
की
कहाँ
लगती
है
कोई
भी
दवा
उसको
नहीं
मालूम
जिसको
राम
का
मतलब
सुनाते
जा
रहे
हो
तुम
कथा
उसको
वो
जिस
सेे
भी
मुहब्बत
करती
है
यारों
समझने
लगती
है
फिर
वो
गधा
उसको
Read Full
Harsh Kumar
Download Image
1 Like
सफ़र
में
इस
तरह
से
ज़िंदगी
को
ख़त्म
करना
है
ख़ुदी
का
कत्ल
कर
के
ख़ुद
को
ही
क़ातिल
बनाना
है
Harsh Kumar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Dard Shayari
Bahana Shayari
Kisaan Shayari
Mood off Shayari
Sooraj Shayari